तभी श्रेया ज़ोर से चीखी, “उफ्फ़ आई मम्मी! मैं गई! आह चाचू! आह उफ्फ़! ईई ईईई!”
उसके बदन को झटका लगा और उसकी चूत से कामरस के साथ-साथ उसके मूत की तेज़ धार निकल गई।
श्रेया के बदन को चार-पाँच झटके लगे और वो हाँफते हुए तेज़ी से बोल रही थी, “उफ्फ़ डैडी! आई स्क्वर्ट! उफ्फ़ डैडी!”
फिर श्रेया का बदन एकदम से अकड़ गया।
मैंने उसकी चूत और गांड से अंगुलियाँ निकालकर उसे ढीला छोड़ दिया।
तो वो कहराते हुए वहीं ज़मीन पर गिर गई।
मैंने श्रेया को छोड़कर अवनी की तरफ देखा।
तो वो लण्ड पर जीभ फिरा रही थी।
मैंने जैसे ह