एक जंगल में एक चालाक खरगोश रहता था। उसी जंगल में एक बड़ा ज़हरीला साँप भी था, जो छोटे-छोटे जानवरों को पकड़कर खा जाता था। सारे जानवर उससे डरते थे।
एक दिन साँप ने खरगोश को देख लिया और उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़ा। खरगोश बहुत तेज़ था, लेकिन उसे समझ आ गया कि सिर्फ भागकर वह हमेशा नहीं बच सकता।
खरगोश ने दिमाग लगाया और बोला,
“साँप भाई, तुम मुझे खा सकते हो, लेकिन उससे पहले एक बात सुन लो। इस जंगल में एक और साँप है जो खुद को तुमसे ज्यादा ताकतवर समझता है।”
साँप गुस्से में बोला, “कहाँ है वो? मुझे दिखाओ!”
खरगोश