तभी उनकी मुलाकात एक बुजुर्ग आदमी से हुई।
उनका नाम था रामलाल काका।
कबीर ने उनसे पूछा —
“काका, यहां आसपास कोई डरावनी जगह है क्या?”
रामलाल काका ने उनकी तरफ देखा।
कुछ सेकंड तक चुप रहे।
फिर धीरे से बोले —
“अगर सच में डरावनी जगह देखनी है… तो जंगल की हवेली में जाओ।”
चारों दोस्तों की आंखों में चमक आ गई।