गाँव के एक छोटे से घर में अर्जुन नाम का लड़का रहता था। उसके पिता एक मजदूर थे और माँ घरों में काम करती थी। घर की हालत इतनी खराब थी कि कई बार रात का खाना भी नसीब नहीं होता था।
अर्जुन हमेशा सोचता था —
"मेरी किस्मत ही खराब है… मैं कुछ नहीं कर सकता… मैं गरीब ही रहूँगा।"
स्कूल में भी वो पीछे बैठता, किसी से बात नहीं करता। जब टीचर सवाल पूछते, तो वो सिर झुका लेता। उसे खुद पर भरोसा ही नहीं था।
एक दिन स्कूल में एक नए टीचर आए। उन्होंने क्लास में एक सवाल पूछा —
"अगर तुम्हें अपनी ज़िंदगी बदलने का मौका मिले,