एक छोटे से शहर में रहने वाला 19 साल का लड़का… आरिफ।
सपने बड़े थे…
लेकिन हालात छोटे।
हर सुबह वह जल्दी उठता…
अपने पुराने लैपटॉप को खोलता…
और चुपचाप अपने भविष्य को बनाने की कोशिश करता।
घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।
एक दिन पिता ने कहा —
"बेटा… अब शायद तुम्हें काम करना चाहिए।"
उस रात आरिफ सो नहीं पाया।
मोबाइल खोला…
दोस्तों को देखा…
कोई पैसे कमा रहा था…
कोई जिंदगी जी रहा था…
और वह सोचने लगा —
"क्या मैं पीछे रह गया हूँ?"
18 साल की उम्र के बाद…
जिंदगी सवाल पूछती है।
कमाओ भी…
सपने भी देखो…