“अगर आज पानी नहीं मिला… तो कल ये गाँव खत्म हो जाएगा!”
अरावली की सूखी धरती पर रहीक की ये चीख गूँज उठी। लोग हिम्मत हार चुके थे, लेकिन रहीक नहीं। उसने पहाड़ों की खामोश गुफाओं में छिपे एक पुराने जलस्रोत को ढूंढ निकाला। जैसे ही पानी बहा, गाँव में फिर से जीवन लौट आया। उस दिन सबने माना—रहीक ही अरावली का असली हीरो है।