एक लड़का था… बहुत गरीब…
हर दिन मजदूरी करता था… और थक कर सोचता था —
“मेरी ज़िंदगी कब बदलेगी?”
एक दिन उसने एक बूढ़े आदमी से पूछा,
“मैं मेहनत करता हूँ, फिर भी कुछ बदलता क्यों नहीं?”
बूढ़े आदमी ने उसे एक पत्थर दिया और कहा,
“इसे रोज़ धक्का देना… लेकिन तोड़ने की कोशिश मत करना।”
लड़के ने ऐसा ही किया…
हर दिन पत्थर को धक्का देता रहा…
1 दिन… 10 दिन… 50 दिन…
लेकिन पत्थर हिला भी नहीं…
वो गुस्सा होकर वापस गया और बोला,
“इससे क्या फायदा हुआ? पत्थर तो हिला भी नहीं!”
बूढ़ा मुस्कुराया और बोला —
“पत्थर नहीं हिला…