इस शहर में गुरुत्वाकर्षण ही एक ऐसा जज है जिसे खरीदा नहीं जा सकता।
उसे तुम्हारे बैंक बैलेंस से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उसे तुम्हारे इटालियन सिल्क सूट से कोई मतलब नहीं।
उसे इस बात से भी फर्क नहीं पड़ता कि तुम रायचंद इंडस्ट्रीज के सीईओ हो।
जब तुम 45वीं मंजिल से नीचे गिर रहे होते हो,
तो गुरुत्वाकर्षण सिर्फ एक सवाल पूछता है—
क्या तुम अपने अंत से मिलने के लिए तैयार हो?
तीन सेकंड पहले, मैं अपने पेंटहाउस ऑफिस में खड़ा था।
मेरे हाथ में स्कॉच का क्रिस्टल ग्लास था।
और मैं अपने ही खून की आँखों में देख रहा था।