एक दिन स्कूल से नोटिस आया।
अगर अगले दिन तक फीस जमा नहीं हुई, तो अरुण को स्कूल से निकाल दिया जाएगा।
उस दिन अरुण बहुत उदास था।
रामू ने देखा तो पूछा—
“क्या हुआ बेटा?”
अरुण ने धीरे से कहा—
“पापा… अगर फीस नहीं भरी तो मुझे स्कूल से निकाल देंगे।”
रामू के पास पैसे नहीं थे।
उसने जेब टटोली।
सिर्फ कुछ सिक्के निकले।
उस रात रामू सो नहीं पाया।
वह बार-बार सोचता रहा—
“अगर मेरा बेटा पढ़ नहीं पाया तो उसका भविष्य क्या होगा?”
अगले दिन सुबह वह ठेकेदार के पास गया।
उसने हाथ जोड़कर कहा—
“मालिक… मुझे आज ज्यादा काम दे दी