एक समय की बात है, जादुई दुनिया “स्वप्नलोक” में एक छोटा सा गाँव था—चमकपुर। इस गाँव में पेड़ चमकते थे, नदियाँ गाना गाती थीं और रात को आसमान में तारे बच्चों से बातें करते थे।
इस गाँव में एक प्यारा बच्चा रहता था—आरव। आरव को सबसे ज्यादा पसंद था आसमान को देखना और सपने देखना। वह सोचता था, “काश मैं भी तारों से बात कर पाता!”
एक रात, जब आरव छत पर लेटा हुआ था, अचानक एक चमकता हुआ तारा उसके सामने आ गिरा।
“डरो मत!” तारे ने कहा, “मेरा नाम तारा है, और मैं तुम्हें एक खास मिशन देने आया हूँ।”
आरव की आँखें चमक उठीं