किसान और कबूतर खेत में खुदाई कर रहे होते हैं। तभी वहां एक पागल दादी आती हैं और किसान का मजाक उड़ाने लगती हैं,
“अरे ओ किसान! कब तक मिट्टी खोदता रहेगा? कुछ मिलने वाला नहीं है।”
किसान उनकी बातों पर ध्यान नहीं देता और चुपचाप काम करता रहता है।
खुदाई करते-करते उसे मिट्टी के नीचे एक पुराना लकड़ी का संदूक मिलता है। वह उसे खोलता है तो अंदर से एक चमकता हुआ नीला पत्थर और एक पुरानी चिट्ठी निकलती है।
चिट्ठी में लिखा होता है:
“