एक बार की बात है नदी के किनारे एक बंदर पेड़ पर रहता था और उसी नदी में एक मगरमच्छ रहता था। बंदर रोज़ पेड़ के मीठे फल मगरमच्छ को देता था, इसलिए दोनों में दोस्ती हो गई। एक दिन मगरमच्छ की पत्नी ने कहा कि वह बंदर का दिल खाना चाहती है। मगरमच्छ बंदर को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार ले जाने लगा और रास्ते में सच बता दिया। बंदर बहुत चालाक था, उसने कहा कि वह अपना दिल तो पेड़ पर ही छोड़ आया है। मगरमच्छ उसे वापस किनारे ले आया। बंदर तुरंत पेड़ पर चढ़ गया और बोला कि दोस्ती में कभी धोखा नहीं देना चाहिए।