Chapter 1: लालची बुढ़िया की सीख
Part 1: एक लालची बुढ़िया अपने छोटे से घर में सिक्कों की थैली को बार-बार गिनती है और उसे तकिए के नीचे छुपा देती है। बाहर से एक भूखा सा बच्चा दरवाज़े पर आता है और थोड़ा खाना माँगता है। बुढ़िया झुंझलाकर बच्चे को भगाती है और दरवाज़ा ज़ोर से बंद कर देती है। वह सोचती है कि सब कुछ सिर्फ़ उसका है, किसी को कुछ देने की ज़रूरत नहीं। कमरे में दीया टिमटिमाता है और उसकी परछाईं दीवार पर बड़ी और डरावनी लगने लगती है।
Part 2: उसी रात हवा तेज़ चलती है और खिड़की अपने आप चरमराकर खुल