“दर्शित बच्चों से कहता था — सपने वो नहीं जो सोते समय आते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।”
“धीरे-धीरे दर्शित ने अपने गाँव की जिंदगी बदल दी। अब वहाँ के बच्चे भी बड़े सपने देखने लगे।”
“दर्शित के पढ़ाए हुए बच्चे भी आगे बढ़ने लगे। सभी बच्चे दर्शित की तरह कुछ बड़ा बनना चाहते थे।”
“रात को आसमान की तरफ देखते हुए दर्शित मुस्कुराया। उसे पता था — मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”