प्लेटफॉर्म पर खड़ा वो लड़का, घड़ी बार-बार देख रहा है।
ट्रेन लेट है… हवा में हल्की बेचैनी।
तभी स्टेशन के बाहर खड़ी एक लड़की, उसे चुपचाप देखती है।
उनकी नज़रें मिलती हैं—समय जैसे रुक जाता है।
अनाउंसमेंट गूंजता है…
ट्रेन आती है, पर दोनों वहीं ठहरे रहते हैं।