शहर के एक पुराने रेलवे स्टेशन के बाहर रोज़ एक लड़का बैठता था।
उसका नाम राहुल था। उसकी उम्र सिर्फ 16 साल थी, लेकिन उसकी ज़िंदगी बहुत कठिन थी।
राहुल के पास न घर था, न परिवार।
वह रोज़ लोगों से भीख माँगकर अपना पेट भरता था।
सुबह से शाम तक वह स्टेशन के बाहर बैठा रहता और लोगों से कहता—
“साहब… कुछ पैसे दे दीजिए…”
कुछ लोग उसे अनदेखा कर देते,
कुछ लोग उसे डाँट देते।
कई बार लोग कहते—
“काम क्यों नहीं करता? भीख क्यों माँगता है?”
लेकिन राहुल के पास काम करने का कोई मौका ही नहीं था।
एक दिन की बात है.