एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था।
उसके पास थोड़ी सी जमीन थी और एक छोटा सा बेटा मोहन था।
रामू दिन-रात खेत में मेहनत करता, लेकिन फिर भी घर में कभी-कभी खाने की कमी हो जाती।
मोहन अपने पिता की मेहनत देखता और सोचता कि वह उनकी मदद कैसे करे।
एक दिन मोहन को खेत में एक छोटा सा बीज मिला।
उसने उस बीज को खेत के कोने में चुपचाप बो दिया और रोज उसे पानी देने लगा।
कुछ दिनों बाद वहाँ एक हरा-भरा पौधा उग आया।
समय के साथ वह पौधा बड़ा होकर फल देने वाला पेड़ बन गया।
पेड़ पर इतने फल लगे कि रामू उन्