यह कहानी उस समय की है जब संत कबीर साहिब अपने सच्चे ज्ञान और भक्ति से लोगों को सत्य का मार्ग दिखा रहे थे।एक दिन महान योगी गोरखनाथ जी, जिन्हें अपनी योग शक्तियों पर बहुत गर्व था, कबीर साहिब से मिलने उनके स्थान पर पहुंचे। उनके मन में यह जानने की इच्छा थी कि आखिर कबीर साहिब की शक्ति क्या है।जब गोरखनाथ जी ने कबीर साहिब को देखा, तो वे शांत भाव से बैठे हुए भक्ति में लीन थे। उनके चेहरे पर अद्भुत शांति और दिव्य आभा थी।गोरखनाथ जी ने कहा, “मैं एक महान योगी हूँ। मेर