एक छोटे से गाँव में, जहाँ घास के हरे-भरे खेत और नदियों का पानी साफ और पारदर्शी था, वहाँ एक लड़का मोहन रहता था। मोहन के पास एक छोटा सा कमरा था जिसमें उनकी किताबें, रंगीन पेंसिल और पुराने नोट बिखरे हुए थे।
मोहन एक साधारण लड़का लगता था, लेकिन उसकी आँखों में हमेशा एक जिज्ञासा चमकती थी। वह अक्सर सोचता थाः "दुनिया में कितनी अजीब चीजें हैं? अगर मैं उन्हें देख पाता तो कितना अच्छा होता!
एक दिन वह बाज़ार गया। वह एक पुरानी किताब की दुकान पर रुका, जहाँ एक बूढ़ा आदमी हाथ में पुराने कलम का डिब्बा लिए बै