नवरात्रि की पौराणिक कथा (महिषासुर वध)
नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा द्वारा असुर राज महिषासुर के वध और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इस कथा का मुख्य वर्णन 'देवी महात्म्य' (दुर्गा सप्तशती) में मिलता है।
१. महिषासुर का वरदान
प्राचीन काल में महिषासुर नाम का एक अत्यंत शक्तिशाली राक्षस था। उसने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या…
नवरात्रि की पौराणिक कथा (महिषासुर वध)
नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा द्वारा असुर राज महिषासुर के वध और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इस कथा का मुख्य वर्णन 'देवी महात्म्य' (दुर्गा सप्तशती) में मिलता है।
१. महिषासुर का वरदान
प्राचीन काल में महिषासुर नाम का एक अत्यंत शक्तिशाली राक्षस था। उसने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या की। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए। महिषासुर ने उनसे 'अमर' होने का वरदान माँगा। ब्रह्मा जी ने कहा कि जो जन्मा है उसकी मृत्यु निश्चित है, इसलिए तुम कुछ और माँगो।
Faịlụ ụda a gachara oge ya.
Ndesịta njikọ ụda mepere emepe ga-agwụ mgbe awa 24 gachara. I nwere ike ịmepụta nke gị n'okpuru!
Kewapụta ụda AI gị onwe gị
Bipụta profaịlụ ụdaolu na 20+ AI models - ọbụna n'efu, ọ dịghị mkpa ịbanye.