Atpakaļ uz TTS.ai

Koplietošanas audio

Text to Speech openvoice

अगली सुबह राजमहल का वातावरण पहले जैसा नहीं था; नगाड़े बज रहे थे, दरबार सजा था, सुनहरे स्तंभों पर रोशनी पड़ रही थी, पर हवा में घमंड की जगह एक अनकहा तनाव तैर रहा था। पूरी रात राजा वीरेंद्र सो नहीं पाए थे। आरव के शब्द उनके भीतर बार-बार गूंज रहे थे—सबसे बड़ा मूर्ख वह है जो स्वयं को सर्वज्ञ समझ ले। यह वाक्य उनके मन के उस हिस्से तक पहुँच गया था जहाँ वे वर्षों से झाँकने से बचते रहे थे। दरबार लगा, सैनिक अनुशासन में खड़े हुए, मंत्री अपनी-अपनी जगह पर बैठे, और घोषणा हुई कि किसान पुत्र आरव को प्रस्तुत किया

Ielādē audio...

0:00
0:00
Lejupielādēt audio Saite beidzas 24h

Šis audio fails ir beidzies.

Koplietošanas audio saites beidzas pēc 24 stundām. Jūs varat ģenerēt savu zemāk!

Izveidot savu AI Audio

Generate professional voiceovers with 20+ AI models — completely free, no sign-up required.

Mēģiniet runāt ar tekstu