1945 का वो रात था... सिंगापुर की एक अंधेरी कोठरी में एक आदमी बैठा था। उसके हाथ में एक कोडेड संदेश था। संदेश पढ़ते ही उसकी आँखें फैल गईं।
ब्रिटिश खुफिया विभाग — MI5 — को अचानक पता चला कि भारत के अंदर एक ऐसा नेटवर्क काम कर रहा है जो उन्हें अंदर से तोड़ने की कोशिश कर रहा है। उनके अपने भारतीय सैनिक... उनके…
1945 का वो रात था... सिंगापुर की एक अंधेरी कोठरी में एक आदमी बैठा था। उसके हाथ में एक कोडेड संदेश था। संदेश पढ़ते ही उसकी आँखें फैल गईं।
ब्रिटिश खुफिया विभाग — MI5 — को अचानक पता चला कि भारत के अंदर एक ऐसा नेटवर्क काम कर रहा है जो उन्हें अंदर से तोड़ने की कोशिश कर रहा है। उनके अपने भारतीय सैनिक... उनके अपने अधिकारी... दोहरे एजेंट बन चुके थे।