बाहर नहीं निकले।
सुबह जब लोग वहां पहुंचे…
तो हवेली खाली थी।
ठाकुर हरिराम…
उसका परिवार…
और नौकर…
सब गायब थे।
लेकिन हवेली के अंदर दीवारों पर खून के निशान थे।
उस दिन के बाद से वहां अजीब चीजें होने लगीं।
रात में खिड़कियों में साए दिखाई देते।
कभी कोई औरत रोती हुई सुनाई देती।
और कई लोगों ने कसम खाकर कहा कि उन्होंने वहां एक छोटी लड़की को खड़ा देखा है।
रोहित हंस पड़ा।
“काका, ये सब कहानियां होती हैं।”
रामलाल काका ने गंभीर होकर कहा —
“अगर कहानी समझते हो… तो आज रात जाकर देख लो।”
बस यही बात चारों दोस्तों के