15 अप्रैल 2023...
रात के करीब 10 बजे...
एक सफेद जीप अस्पताल परिसर में रुकती है।
दरवाज़ा खुलता है...
और उससे उतरते हैं—दो कैदी।
हाथों में हथकड़ियां...
चारों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा...
लेकिन... ये कोई आम कैदी नहीं थे।
मीडिया के कैमरे उनकी तरफ दौड़ पड़ते हैं...
माइक आगे बढ़ते हैं...
सवाल पूछे जाते हैं...
और तभी—
गोलियों की वो तड़तड़ाहट...
जिसने सिर्फ 9 सेकंड में पूरे देश को सन्न कर दिया।
तीन नौजवान हमलावर...
पुलिस का घेरा तोड़कर...
अतीक अहमद...
और उसके भाई अशरफ के सिर पर सटाकर—
गोलियां दाग