और तभी—
गहराई से उभरता है…
एक LADLE!
बड़ा… चमकदार… और जरूरत से ज़्यादा आत्मविश्वासी!
वो वार करता है!
छपाक!
चूक गया!
फिर से—
छपाक!
फिर चूक!
स्पड घबरा जाता है! उसके पैर मोटर की तरह घूमने लगते हैं!
नाव रॉकेट की तरह आगे बढ़ती है—फिर गोल-गोल घूमने लगती है!
और बार्नबी?!
बस सांस लेने की कोशिश—
हर सेकंड सूप के छींटे चेहरे पर!
और वो LADLE—
मुड़ता है… खिंचता है… रबर की तरह!
डरावना… लेकिन मज़ेदार!