शीर्षक: "दरवाज़ा नंबर 13"
अध्याय 1: नया घर
अजय ने जब शहर से दूर उस पुराने मकान को खरीदा, तो उसे लगा कि उसने अपनी ज़िंदगी का सबसे अच्छा फैसला लिया है।
शहर की भागदौड़, शोर, और तनाव से दूर… एक शांत, सस्ता और बड़ा घर।
मकान थोड़ा अजीब था — तीन मंज़िला, जर्जर दीवारें, और हर कोने में अंधेरा जैसे चिपका हुआ हो।
लेकिन सबसे अजीब चीज़ थी…
दरवाज़ा नंबर 13।
तीसरी मंज़िल पर, एक लंबा गलियारा था जिसमें 12 कमरे थे… और आख़िर में एक अलग, बड़ा दरवाज़ा — जिस पर लाल रंग से लिखा था:
“13”
ब्रोकर ने उसे साफ़ मना