तुम्हारे जाने के बाद… मैंने जीना तो सीख लिया…
पर मुस्कुराना… आज भी तुमसे ही उधार मांगती हूँ…
जिस हाथ को पकड़कर… पूरी उम्र चलना था…
वही हाथ… आज किसी और की मेहंदी में सजा है…
तुम कहते थे… मेरी हो… बस मेरी ही रहना…
आज उसी आवाज़ में… किसी और का नाम बसता है…
[sad]
रात होती है… तो नींद नहीं आती…
बस यादें आती हैं… और आँसू… चुपचाप बहते रहते हैं…