जंगल की हरियाली में सुबह की हल्की धूप फैल रही थी। छोटे बंदर मोना की आँखों में उदासी थी, क्योंकि वह अपनी दादी को याद कर रहा था। तभी उसने एक बुजुर्ग दादी को अकेले चलते देखा।
मोना तुरंत नीचे कूदा और दादी का हाथ पकड़ा। वह उन्हें फूल दिखाने लगा, झरने के पास बैठाया, और साथ में जंगल की पगडंडी पार की।
जब वे बड़े पेड़ के नीचे पहुँचे, तो सूर्यास्त का सुनहरा दृश्य उनके सामने था। मोना ने दादी को गले लगाया और कहा,
“दादी, अब आप कभी अकेली नहीं होंगी।”
दादी की आँखों में प्यार और खुशी के आँसू थे। उस पल मोना ने ज