जब एक दैत्य की शक्ति ने स्वयं देवताओं को झुका दिया, तब पूरे सृष्टि में भय फैल गया। वह कोई साधारण असुर नहीं था, बल्कि था भस्मासुर — जिसे वरदान मिला था कि वह जिस पर हाथ रखे, उसे भस्म कर दे।
कहते हैं कि भगवान शिव उसकी कठोर तपस्या से प्रसन्न हुए और उसे यह भयानक वरदान दे दिया। लेकिन शक्ति मिलते ही भस्मासुर अहंकार में चूर हो गया। उसने देवताओं को ललकारा, ऋषियों को डराया, और फिर उसकी दृष्टि स्वयं माता पार्वती पर जा पड़ी।
देवताओं के होश उड़ गए, क्योंकि अब खतरा स्वयं महादेव पर आ गया था। भस्मासुर ने शिव