सबको लगा… तू हार मान लेगा।
लेकिन उन्हें क्या पता—
तेरे अंदर जो लड़ाई चल रही है,
वो किसी भी जंग से बड़ी है।
ये दुनिया तुझे रोकेगी, गिराएगी,
तुझे कमजोर समझेगी…
लेकिन असली ताकत वहीं बनती है
जहाँ इंसान टूटने के बाद भी खड़ा होता है।
जब दिमाग बोले ‘अब बस’…
तू खुद से बोल—‘अभी तो शुरू किया है।’
याद रख—
आज जो दर्द तू सह रहा है,
वही कल तेरी जीत की कहानी बनेगा।
अब फैसला तेरे हाथ में है—
भागेगा… या लड़ेगा?