Chapter 1
सुनील ने 'ब्लास्ट' के ऑफिस में कदम रखा तो उस पर
निगाहें पड़ते ही अर्जुन उसके पीछे-पीछे हो लिया ।
सुनील अपने कक्ष में पहुंचा और धम्म से अपनी कुर्सी
पर ढेर हुआ ।
"मेरा पिया घर आया" - दरवाजे पर से अर्जुन तरन्नुम
में बोला - "मेरा पिया घर आया, ओ राम जी, मेरा पिया घर
घर आया ।"
"क्या बकता है ?" - सुनील झुंझलाया ।
"मसका लगाया है, गुरु जी ।"
"तेरे को मसका मारने की तनख्वाह मिलती है ?"
"नहीं। ये तो मैं फ्री में करता हूं।"
"काफी हाजिरजवाब हो गया है !"
"सोहबत का असर है, गुरु जी ।"