14 फ़रवरी 2019, जम्मू-कश्मीर का पुलवामा… दोपहर का समय, सड़क पर आगे बढ़ता सीआरपीएफ का काफिला, और अचानक एक भीषण विस्फोट। कुछ ही क्षणों में धूल, धुआँ और चीखों के बीच सब कुछ बदल गया,, 40 से अधिक जवानों की शहादत ने पूरे देश को अंदर तक हिला दिया, यह सिर्फ एक हमला नहीं था…, यह एक ऐसा घाव था, जिसने हर भारतीय के भीतर गुस्से की आग जला दी",जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया, और उसके पीछे छिपा चेहरा — मसूद अजहर — एक बार फिर भारत के निशाने पर आ गया।
नई दिल्ली… सत्ता के गलियारों में गहरी खामोशी थी।